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कहानी कहना बडा अच्छा लगता है | Loves to Tell Stories

1 October 2016

Translated from the English to the Hindi by Rupalee Burke

बडा अच्छा लगता है मुझे
पालक माता के साथ टहेलना।
जानती है वह मुझे, मेरे जीवन, मेरी यात्रा को।
सबसे ज़्यादा पहचानती है वह मुझे।
मुझसे भी ज़्यादा वह मेरे जैविक परिवार को जानती है।
बहुत पसंद है उनहे मेरे बच्चों को बताना
कहानीयां मेरी दादी की और मेरी देखभाल करना उनके हिस्से में कैसे आया।
रेगिस्तान और मेरे बुज़ुर्गों की कहानियां बेहद प्यारी है उनहे।
कैसे हम निकल पडते, खेलते, झाडीयों में शिकार करते।
मेरी कहानीयां बहुत प्यारी लगती है मुझे।
बांटती हुं यह कहानीयां मेरे बच्चो के साथ तब सुनते है बडे चाव से।
चलती गाडी में बंध, बिना संगीत बैठे हुए
धंटो तक एक दुसरे के साथ का आनंद उठाते
एक राज्य से दुसरे तक की सफर के दौरान बनाते है अपनी कहानियां हम।
बडा प्यारा लगता है जिस तरह मेरे बच्चे उसे जकड कर रखते है
जो मुझे पेट पकड कर हसने को मजबुर करते है
बेटा मेरा अकसर जिसकी याद दिलाता है
हसा देते है वह मुझे।
उस समय में रची स्मृतियां
जब थे सिर्फ हम एक दुसरे के पास ।

बहुत ही अच्छा लगता है जब दौड के आती है मेरी बेटी
हसती और कहती हुई मां याद है तुझे उस वक्त जब …
तब स्मृति से ऊभरती है कहानीयां, और याद है यह हुआ, वह हुआ।
यात्रा और संगीत और जगहो की, खाने की और लोगों की कहानीयां।
जब मैं छोटी थी, दुनिया में पैर रखा ही था
एहेम अर्थभरी कहानीयां धारण किए हुए जगहो पर जाती थी।
‘गुंडीगाय’ और ‘डॉग ऑन ध टकर बॉक्स’,
‘रॅडफर्न एन्ड ध टॅन्ट एम्बसी’ की कहानियां सुनकर मैं बडी हुई।
बच्चों के साथ बांटी हुई कहानियों में बायरन बे और ऊलुरु जैसी जगहों
और उनके साथ गए NT, SA, QLD, VIC जैसी जगहों
रेगिस्तान से समुद्रतट, सभी जगहों।

बीच सफर बांटती हुं उनके साथ ताकी जब वह बडे हों
उनके बच्चों के साथ बांटने के लिए कुछ खास हो उनके पास
कहानी कथन में बडी ताकत है।वह उपचारात्मक है और
हृदय स्पर्शी भी और उसकी शुरुआत तब हुई
जब मेरे बच्चों की तरह मैंने देखना शुरु किया था दुनिया को।

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